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फिनलैंड ने ईरान के खिलाफ 20 देशों को किया इकट्ठा, होर्मुज में जहाजों पर हमले को लेकर दिया बड़ा बयान

 Published : Mar 21, 2026 07:25 am IST,  Updated : Mar 21, 2026 07:25 am IST

फिनलैंड और 19 सहयोगी देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। संयुक्त बयान में ईरान से तुरंत हमले रोकने, अंतरराष्ट्रीय कानून मानने और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपील की गई है, साथ ही बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई है।

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फिनलैंड समेत 20 देशों ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमलों की निंदा की है। Image Source : AP

हेलसिंकी: फिनलैंड ने अपने 19 अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया है। इस बयान में साफ कहा गया है कि ईरान को तुरंत अपना रवैया बदलना होगा और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना होगा।  ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, चेक रिपब्लिक, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया ने इस बयान पर दस्तखत किए हैं।

'ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हैं'

 फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'फिनलैंड ने आज अपने निकट सहयोगियों के साथ पर्सियन गल्फ की स्थिति और खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बारे में संयुक्त बयान दिया है। यह बयान ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों पर हालिया हमलों और व्यापारिक नौवहन को बाधित करने के प्रयासों की निंदा करता है। बयान में सभी देशों से अपील की गई है कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करें और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सिद्धांतों को बनाए रखें। इस बयान में शामिल देशों ने अपनी तैयारी जताई है कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए उचित प्रयासों में योगदान देंगे।'

बढ़ते संघर्ष को लेकर जताई गहरी चिंता

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेक रिपब्लिक, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया के नेताओं ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर यह बयान जारी किया।  बयान में कहा गया, 'हम कड़े शब्दों में खाड़ी में ईरान द्वारा निहत्थे व्यापारिक जहाजों पर हमलों, नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों जिसमें तेल और गैस की रिफाइनरी और फील्ड शामिल हैं, और ईरानी बलों द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की कोशिशों की निंदा करते हैं। हम बढ़ते संघर्ष को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं।'

'अपने हमलों पर तुरंत रोक लगाए ईरान'

बयान में इन देशों ने कहा, 'हम ईरान से तुरंत अपने सभी हमले बंद करने, माइंस को बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों तथा व्यापारिक जहाजों को रोकने की कोशिश पर लगाम लगाने और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के पालन करने की अपील करते हैं। समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन शामिल है। इन रुकावटों का असर पूरे विश्व पर पड़ेगा, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर तबके पर।' बयान में सभी ने कहा कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही को सामान्य करने के लिए किए जा रहे प्रयासों में योगदान देने के लिए तैयार हैं।

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